Trigonometry Formula : त्रिकोणमिति सूत्र

त्रिकोणमिति सूत्र | Trigonometry Formula

त्रिकोणमिति एक गणितीय शाखा है जो त्रिभुजों (Triangles) के गुणों और तत्वों का अध्ययन करती है। त्रिकोणमिति के शास्त्रीय अर्थ में, "त्रि" शब्द तीन और "कोण" शब्द कोण का अर्थ है, इसलिए यह तीनों कोणों का अध्ययन करता है। त्रिकोणमिति का उद्देश्य त्रिभुजों के सम्बन्धित सिद्धांतों को समझना, उनके गुणों को अध्ययन करना और त्रिकोणों से सम्बंधित समस्याओं को हल करना है।

त्रिकोणमिति की प्रारंभिक रूप से विकास भारतीय उपमहाद्वीप में हुआ था, जिसे ज्योतिष और गणित के शास्त्रीय ग्रंथों में भी उल्लेख किया गया है। एक प्राचीन भारतीय गणितज्ञ आर्यभट्ट (Aryabhata) त्रिकोणमिति के महत्वपूर्ण योगदानी हैं।

त्रिकोणमिति के कुछ महत्वपूर्ण अवधारणाएं शामिल हैं:

  1. त्रिभुज के कोण: त्रिभुज में तीन कोण होते हैं, जिन्हें त्रिभुज के अंतर्गत परिभाषित किया जाता है - अक्षीय कोण (Right Angle), अनुरेखीय कोण (Acute Angle), और विपरीत कोण (Obtuse Angle).
  2. परिमाप (परिधि) और क्षेत्रफल (क्षेत्रमिति): त्रिभुज के आधार और ऊँचाई, परिमाप और क्षेत्रफल की गणना की जा सकती है।
  3. समांतर श्रेढ़ी त्रिभुज: त्रिभुजों की श्रेणीबद्धता के आधार पर उन्हें समांतर श्रेढ़ी या विषमांतर श्रेढ़ी त्रिभुज के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।
  4. त्रिकोणमिति फलन: साइन, कोसाइन, और टैंजेंट जैसे त्रिकोणमिति फलनों का अध्ययन भी किया जाता है, जो कोण और समतलीय त्रिभुज के बीच सम्बन्ध स्थापित करते हैं।
  5. त्रिकोणमिति के सूत्र: त्रिकोणमिति में कई सूत्र होते हैं जो विभिन्न गणितीय समस्याओं को सुलझाने में मदद करते हैं।

Trigonometry Formula


त्रिकोणमिति का उपयोग विज्ञान, औजार डिज़ाइन, ज्योतिष, भूगर्भिकी, समीकरण, संख्या सिद्धांत, और अनुप्रयोगिक गणित में किया जाता है। इसके विभिन्न सिद्धांत और तरीकों का समझना गणितीय समस्याओं को हल करने में मदद करता है और विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अनेक अनुप्रयोगों में उपयोगी सिद्ध होता है। 

त्रिकोणमिति में उपयोग किए जाने वाले कोण 


त्रिकोणमिति फलन संक्षिप्त रूप
Sine (ज्या) Sin
Cosine (कोज्या ) Cos
Tangent (स्पर्शज्या) Tan
Co-secant (व्युज्या) Cosec
Secant (व्युकोज्या) Sec
Co-tangent (व्युस्पर्शज्या) Cot

त्रिकोणमिति के सभी सूत्र

पाइथागोरस का प्रमेय : Pythagoras' theorem 


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त्रिकोणमिति के सामान्य सूत्र
  1. sinθ         =  लम्ब /कर्ण
  2. cosθ        =  आधार /कर्ण
  3. tanθ        =  लम्ब /आधार
  4. secθ        =  कर्ण /आधार
  5. cosecθ    =  कर्ण /लम्ब
  6. cotθ        =  आधार /लम्ब

त्रिकोणमिति के सूत्र को याद रखने की ट्रिक्स : LAL/KKA

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त्रिकोणमितिय अनुपातों के मध्य सम्बन्ध

  • sinθ × Cosecθ = 1
  • sinθ = 1 / Cosecθ
  • Cosecθ = 1 / sinθ
  • Cosθ × Secθ = 1
  • Cosθ = 1 / Secθ
  • Secθ = 1 / Cosθ
  • Tanθ × Cotθ = 1
  • Tanθ = 1 / Cotθ
  • Cotθ = 1 / Tanθ
महत्वपूर्ण त्रिकोणमिति सूत्र
Sin θ / Cos θ = Tan θ
Cos θ / Cot θ = Sin θ
Cot θ / Cosec θ = Cos θ
Cosec θ / Sec θ = Cot θ
Sec θ / Tan θ = Cosec θ
Tan θ  / Sin θ  = Sec θ

त्रिकोणमितिय टेबल
त्रिकोणमितिय तालिका (Trigonometric Table) एक सारणी होती है जो साइन, कोसाइन, और टैंजेंट अनुपात के लिए विभिन्न कोणों के मानों को प्रदर्शित करती है। त्रिकोणमितिय तालिका त्रिभुजों के भौतिकीय गणितीय अनुप्रयोगों में बहुत महत्वपूर्ण होती है। निम्नलिखित त्रिकोणमितिय तालिका में साइन, कोसाइन, और टैंजेंट अनुपात के मानों को रेडियन और डिग्री दोनों में दिखाया गया है:

संकेत 30° = π/6 45° = π/4 60° = π/3 90° = π/2
Sin θ 0 ½ 1/√2 √3/2 1
Cos θ 1 √3/2 1/√2 ½ 0
Tan θ 0 1/√3 1 √3 अपरिभाषित
Cot θ अपरिभाषित √3 1 1/√3 0
Sec θ 1 2/√3 √2 2 अपरिभाषित
Cosec θ अपरिभाषित 2 √2 2/√3 1

त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ 

1. sin²θ + cos²θ = 1
  • sin²θ = 1 – cos²θ
  • sinθ = √(1 – cos²θ)
  • cos²θ = sin²θ – 1
  • cosθ = √( sinθ – 1 )

2. 1 + tan²θ = sec²θ
  • tan²θ = sec²θ – 1
  • tanθ = √(sec²θ – 1)
  • secθ = √(1 + tan²θ)

3. cosec²θ = cot²θ + 1
  • cosecθ = √(cot²θ + 1)
  • cot²θ = cosec²θ – 1
  • cot²θ = √(cosec²θ – 1)
कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात 

IndiaJobExam-Trikonmiti Formula

(90 – θ) के लिए फलनों के मान (90 + θ) के लिए फलनों के मान
Sin(90-Θ) = CosΘ Sin(90+Θ) = -CosΘ
Cos(90-Θ) = SinΘ Cos(90+Θ) = +SinΘ
Tan(90-Θ) = CotΘ Tan(90+Θ) = -CotΘ
Cot(90-Θ) = TanΘ Cot(90+Θ) = -TanΘ
Sec(90-Θ) = CosecΘ Sec(90+Θ) = +CosecΘ
Cosec(90-Θ) = SecΘ Cosec(90+Θ) = -SecΘ

(180 - θ) के लिए फलनों के मान (180 + θ) के लिए फलनों के मान
Sin(180-Θ) = +SinΘ Sin(180+Θ) = -SinΘ
Cos(180-Θ) = -CosΘ Cos(180+Θ) = -CosΘ
Tan(180-Θ) = -TanΘ Tan(180+Θ) = +TanΘ
Cot(180-Θ) = -CotΘ Cot(180+Θ) = +CotΘ
Sec(180-Θ) = -SecΘ Sec(180+Θ) = -SecΘ
Cosec(180-Θ) = +CosecΘ Cosec(180+Θ) = -CosecΘ

(270 – θ) के लिए फलनों के मान (270 + θ) के लिए फलनों के मान
Sin(270-Θ) = -CosΘ Sin(270+Θ) = +CosΘ
Cos(270-Θ) = -SinΘ Cos(270+Θ) = -SinΘ
Tan(270-Θ) = +CotΘ Tan(270+Θ) = -CotΘ
Cot(270-Θ) = +TanΘ Cot(270+Θ) = -TanΘ
Sec(270-Θ) = -CosecΘ Sec(270+Θ) = -CosecΘ
Cosec(270-Θ) = -SecΘ Cosec(270+Θ) = +SecΘ

(360 – θ) के लिए फलनों के मान (360 + θ) के लिए फलनों के मान
Sin(360-Θ) = -SinΘ Sin(360+Θ) = +SinΘ
Cos(360-Θ) = +CosΘ Cos(360+Θ) = +CosΘ
Tan(360-Θ) = -TanΘ Tan(360+Θ) = +TanΘ
Cot(360-Θ) = -CotΘ Cot(360+Θ) = +CotΘ
Sec(360-Θ) = +SecΘ Sec(360+Θ) = +SecΘ
Cosec(360-Θ) = -CosecΘ Cosec(360+Θ) = +CosecΘ

अन्य सूत्र 

sin(A+B)=sinAcosB+cosAsinB
sin(A-B)=sinAcosB-cosAsinB
cos(A+B)=cosAcosB-sinAsinB
cos(A-B)=cosAcosB-sinAsinB
sin2θ=2sinθcosθ
sin2θ=2tanθ/(1+tanθ)
cos2θ=〖cos〗^2 θ-〖sin〗^2 θ
cos2θ=〖2cos〗^2 θ-1=〖cos〗^2 θ=(1+cos2θ)/2
cos2θ=1-〖2sin〗^2 θ=(1-cos2θ)/2
cos2θ=(〖1-tan〗^2 θ)/(〖1+tan〗^2 θ)
〖1+tan〗^2 θ=〖sec〗^2 θ
〖1+cot〗^2 θ=〖cosec〗^2 θ
〖sin〗^2 θ+〖cos〗^2 θ=1
tan2θ=2tanθ/(〖1+tan〗^2 θ)
sin3θ=3sinθ-〖4sin〗^3 θ
cos3θ=〖4cos〗^3 θ-3cosθ
tan3θ=(3tanθ-〖tan〗^3 θ)/(〖1-3tan〗^2 θ)
sin(-θ)=〖-sin〗⁡θ
cos(-θ)=cos⁡θ
tan(-θ)=-tan⁡θ
2sinAcosB=sin(A+B)+sin(A-B)
2sinAsinB=cos(A-B)-cos(A+B)
2cosAcosB=sin(A+B)+cos(A-B)
〖2cos〗^2 θ=1+cos2θ=1-cosA=〖2sin〗^2  A/2
〖2sin〗^2 θ=1-cos2θ=1-cosA=〖2cos〗^2  A/2

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